Monday, August 29, 2011

शहनाई की छोटी-छोटी, तीखी धुनें-1


लौटना पहले भी हुआ था जब उसका पीछा करते करते उसके घर पहुंचा था, ग्रिल को पकड के उसे एक मौन आवाज़ दी थी. लड़की तब भी नहीं पलटी थी. करना तो प्यार था, लेकिन शुरुआत दोस्ती से भी हो जाए तो क्या बुरा है. मगर ये कहने में ही चेहरा लाल हो आया. भरे बाज़ार जब हाथ में एक कागज़ ले कर यह कहा तो चेहरे पर की आग से हाथ के कागज़ पिघल गए. हाथ के कागज़ प्यार के ख़त थे लेकिन इस वक्त किसी थर्ड क्लास सिनेमाघर की बेहद सस्ती सी टिकट लग रहे थे जो हथेली के पसीने में ही गल जाते हैं. 

सबसे महान प्रेम सबसे सस्ते तरीके से शुरू हो रहा था. 

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उस सदी में पटना की सड़क पर ऑटो हिचकोले खाते हुए चलते. बोरिंग रोड पर के मुहाने पर के रेस्तरां में लड़का पहली बार डेट पर था. टिप से वास्ता ना था लेकिन दोस्त ने बताया था की कुछ पैसे प्लेट में छोड़ देना. बहरहाल दोनों ने आंचलिक भाषा में बात करते हुए विश्व कवियों की भाषा को मात दी. छोड़ना वो कुछ भी नहीं चाहते थे मगर सब छूट रहा था. सीट पर लड़की के कुल्हे की गर्माहट से लेकर, वेटर को दिया गया ऑर्डर तक... 

उस सदी का फलता हुआ इतिहास, भूगोल जब अब इतिहास है. 

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हिचकोले खाते सड़क पर दोनों की वापसी थी. रुढ़िवादी समाज में दिखाए गए साहस और बिताये गए कुछ खुशनुमा पलों के बाद लड़के ने अधिकारवश लड़की का हाथ पकड़ लिया. कहना कुछ नहीं था, कहने को कुछ नहीं था. हवा का एक कतरा कहीं से बह निकला. शैम्पू किये हुए लड़की के दो खुले बाल लड़के के सूखे होंठों से चिपक गए. अब भी कहना कुछ नहीं था फिर भी कहने को कुछ था. उसने कहा - तुम्हे बालों का स्वाद अड़हुल फूल के पराग जैसा है. लड़की झट अपने बालों को खीच यों ही कहती है - तुम लड़के हर वक्त चांस मारने में रहते हो. 

हालांकि अब भी कहना कुछ नहीं था और कहने को कुछ नहीं था.

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लड़की को सलमान खान बहुत पसंद था और पसंद में आग में घी का काम फिल्म - तेरे नाम ने कर डाला था. लड़का उसकी तारीफ़ सुन कर जल उठता. लड़की उस तरह के जूनून भरे प्यार को बहुत पसंद करती. लड़के ने यह तय किया की वो लड़की को सलमान खान से भी ज्यादा पसंदीदा बन कर दिखायेगा. कुछ महीने बाद जब लड़की की शादी हुई तो लड़के के जिस्म  पर बरगद की तरह झुरमुट उग आये थे. पिताजी किसान थे, एक रोज़ उसने सब्जी में डालने वाली कीटनाशक की पूरी बोतल पी गंगा में छलांग लगा दी. पानी कम था वो बच गया. फिर एक दिन उसने अपना सर दीवार पर दे मारा. अभी वो बिना सर के चलता है. 

अंतिम पंक्ति लिखे जाने तक लड़की को सलमान खान पसंद है.

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1 comment:

  1. ye prem ka nahi blogger se upnyaskaar banne k beech ka raasta hai, jis par aap chal nikle hain...bahut accha likha hai, khas kar bold ki gayi har line....

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