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एन जी शॉट्स के बीच का क्लासिक क्लिक

भाई सा’ब आपने उनकी हंसी सुनी क्या?

वे हंसती हैं तो मटर की छिमियां खुलने लगती हैं। उजले रेत पर लेटे परवलों के नीचे नमी आ जाती है। गंगा में उतरी नावें ज़रा ज़रा हिचकोले लेने लगती है। खुद गंगा का पानी भी तो रहस्यमयी होने लगता है।

उनकी हंसी आधी पिघल चुकी मोमबत्ती है। एक गुज़र चुका अधूरा फसाना है। उनकी हंसी किसी उत्कृष्ट साहित्य के छह छूट गए पन्ने हैं। किसी दिलचस्प सिनेमा के बयासी प्रतिशत अंश देखने बाद कट गई लाइट के बायस क्षोभपूर्ण एहसास के बाद की अपनी कल्पना है। 

उनकी हंसी एक उजले बोर्ड पर एक बिंदु है।

सुराही के बेहद महीन रंध्रों के बीच पानी का बारीक चमकीलापन है।






भाई सा’ब आपने उनकी हंसी सुनी क्या?

Comments

  1. मुझे आपका ब्लॉग अच्छा तो में भी शामिल हो गया
    मेरे ब्लॉग पर भी आयें और अपना जो कुछ दे सकते हो अपना सह्तोग दें
    पसंद आयें तो जुड़ें
    धन्यवाद

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  2. बढ़िया

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