INT. CAFÉ COFFEE DAY - DAY. चंडीगढ़ के इस कॉफ़ी हाउस में मेज़ के इधर उधर, आमने सामने एक जोड़ा बैठा है। पीने की इच्छा कुछ भी नहीं है फिर भी बात ज़ारी रखने के लिए एक एक कप कॉफ़ी ली जा रही है। जूनी (लड़का) लगभग बेफिक्र है और इकरा (लड़की) कॉफ़ी का सिप लेकर जब टेबल पर स्लो मोशन में रख रही होती है तो हल्की रोशनी में सफेद टेबल कवर पर काली छाया दिखती है। लगभत यही रंग लड़की के आंखों के नीचे भी गहरे काले धब्बे के रूप में मौजूद है। बैकग्राउंड में जैज़ जैसी मद्धम धुन बज रही है। जूनी: नो...... नॉट इम्पोस्सिबल ईरू... अब... नहीं हो सकता इकरा: हाऊ इज़ इट पॉसिबल जूनी ? तुमने कहा था ना हम घर छोड़ देंगे ? जूनी: नो... आई कांट... मैं घर के अगेंस्ट नहीं जा सकता। इसका रिजल्ट ठीक नहीं होगा। इकरा: बट आई विल गो.... लिसन जूनी.... यू नो आई विल डाई। यू नो ना... जूनी: ऐसा नहीं होता... इनफैक्ट होगा। हमने साल भर साथ में बिताए ना...
I do not expect any level of decency from a brat like you..